HDFC बैंक खता खुलवाना है तो जानिए क्या करना पढ़ेगा? इन कागजातों की होगी जरूरत

आपके पास यदि आधार संख्या  है तो 

आपको अब बैंक खाता खोलने के लिए कोई कागजात, यहां तक कि फोटो तक साथ ले जाने की आवश्यकता नहीं है। जी हां, एचडीएफसी बैंक ने अभी -अकाउंट खोला चुटकी में- नाम से एक योजना शुरू की है जिसमें सिर्फ आधार नंबर लेकर जाने पर भी बैंक खाता खोल दिया जाता है और ग्राहकों को हाथों हाथ चेकबुक, एटीएम कार्ड, नेटबैंकिंग पासवर्ड और एटीएम पिन आदि सौंप दिए जाते हैं।
HDFC बैंक खता खुलवाना है तो जानिए क्या करना पढ़ेगा? इन कागजातों की होगी जरूरत
HDFC BANK
डिजिटल बैंकिंग क्षेत्र में इस समय कुछ नया प्रयोग करने वाले एचडीएफसी बैंक ने इस बार अकाउंट खोलो चुटकी में योजना शुरू की है। बैंक की करीब 1400 शाखाओं में इस योजना को लागू कर दिया गया है और शीघ्र ही इसे देश की सभी शाखाओं में लागू करने की योजना है।

एचडीएफसी बैंक की डिजिटल बैंकिंग प्रभाग के प्रमुख नितिन चुघ बताते हैं कि उनके बैंक ने खाता खोलने के लिए आधार संख्या में एकत्रित जानकारी का उपयोग करना शुरू किया है। अभी जिन शाखाओं में अकाउंट खोलो चुटकी में योजना शुरू की गई है, वहां एक बायोमेट्रिक मशीन लगाई गई है

बायोमेट्रिक पहचान मशीन में ले ली जाती

जैसे ही कोई व्यक्ति अपना आधार संख्या लेकर खाता खुलवाने आता है, उसकी बायोमेट्रिक पहचान मशीन में ले ली जाती है। फिर बताए गए आधार संख्या की जानकारी से उसका मेल कराया जाता है। यदि बायोमेट्रिक पहचान का मेल हो जाता है तो फिर खाता खोल दिया जाता है।

उनके मुताबिक आधार संख्या के सहारे संबंधित व्यक्ति का फोटो, पहचान पत्र की कॉपी, जन्म तिथि का प्रमाण एवं अन्य संबंधित जानकारी तो यूनिक आईडी अथारिटी के सर्वर से मिल जाती है। फिर ग्राहकों से अतिरिक्त कागजात मांगने का मतलब ही नहीं है। उन्हें हाथोंहाथ खाता संख्या, एटीएम कार्ड, चेकबुक और नेट बैंकिंग पासवर्ड आदि सौंप दिए जाते हैं।

हालांकि बैंकिंग क्षेत्र में वेलकम किट के साथ खाता खोलने में भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईआई बैंक और कोटक महिन्द्रा बैंक जैसे बैंक भी आगे आए हैं लेकिन विशेषण से पता चलता है कि इन बैंकों में तुरंत खाता खोलने के लिए कुछ कागजात की जरूरत पड़ती है।
कैसे खोलें जीरो बैलेंस अकाउंट?
हालांकि इन बैंकों का जीरो बैलेंस अकाउंट गरीब जनता के लिए है लेकिन कोई भी व्यक्ति इस अकाउंट को खुलवा सकता है. इसके लिए सिर्फ आपको केवाईसी के सत्यापित डॉक्युमेंट्स की जरूरत पड़ेगी. लिहाजा आप अपने केवाईसी डॉक्यूमेंट्स लेकर एसबीआई जाएंगे तो आपका अकाउंट खुल जाएगा. वहीं निजी बैंक जैसे आईसीआईसीआई और एचडीएफसी बैंक आपके लिए जीरो बैंलेंस अकाउंट खोलने से मना नहीं कर सकते.
जीरो बैंलेंस अकाउंट का फायदा
इस अकाउंट की सबसे खास बात है कि इसे खोलने के लिए यह कतई जरूरी नहीं है कि आपके पास पैसा रहे. इस बैंक अकाउंट के लिए खाते में जीरो बैलेंस हो शुरू से रहता है. वहीं इस जीरो बैलेंस अकाउंट को आप सिंगल, ज्वाइंट या फिर किसी नॉमिनी, पूर्व नॉमिनी के आधार पर भी ऑपरेट कर सकते हैं. वहीं जीरो बैलेंस इन अकाउंट्स पर ब्याज दर किसी सामान्य बैंक अकाउंट के बराबर ही मिलता है. लिहाजा, किसी जीरो बैलेंस अकाउंट में 1 करोड़ रुपये से कम रकम जमा पर आप 3.5 फीसदी ब्याज कमा सकते हैं.
वहीं इस जीरो बैलेंस अकाउंट के लिए डेबिट कार्ड जारी कराने का कोई खर्च नहीं है. आमतौर पर सामान्य बैंक अकाउंट पर 100-300 रुपये का चार्ज डेबिट कार्ड जारी करने पर लगाया जाता है. जीरो बैलेंस अकाउंट पर बैंक बेसिक रूपे एटीएम-डेबिट कार्ड जारी करते हैं. यह मुफ्त में जारी किया जाता है. एक और खास बात है कि जीरो बैलेंस अकाउंट को बंद कराने पर भी कोई चार्ज नहीं लगता. हालांति महज एचडीएफसी बैंक उन जीरो बैलेंस अकाउंट पर 500 रुपये का चार्ज लगाती है जिसे खुलने के 15 दिन बाद से लेकर एक साल से पहले बंद करा दिया जाता है. वहीं 1 साल के बाद अकाउंट बंद कराने पर किसी तरह का चार्ज नहीं लगता.
इस बात का ध्यान रखें
हालांकि जीरो बैलेंस अकाउंट के लिए आपका बैंक में कोई और सेविंग बैंक अकाउंट नहीं होना चाहिए. यदि आपका बैंक में सेविंग बैंक अकाउंट है तो उसे जीरो बैलेंस अकाउंट खुलवाने के 30 दिन के अंदर बंद कराने की जरूरत है. वहीं जीरो बैलेंस अकाउंट के लिए ब्रांच से महज 4 विड्रॉवल करने की छूट रहती है.
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