प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना के तहत 3000 रूपये प्रतिमाह पेंशन

प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना 2019-20 (PM-SYM) आवेदन फॉर्म और बिस्तृत जानकारी 
धानमंत्री श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना के तहत  Rs 3000 रूपये प्रतिमाह पेंशन
प्रधानमंत्री

मोदी सरकार के अंतरिम आम बजट 2019 में देश के असंगठित क्षेत्र के कर्मचारीयों के लिए प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना की घोषणा की गई है. योजना के अंदर ऐसे कर्मचारीयों को सेवानिवृत्त होने के बाद मासिक तौर पर पेंशन दी जाएगी जो असंगठित क्षेत्र में आते है, ताकि वे आगे अपना जीवनयापन अच्छे से कर सकें. योजना के अंदर मिलने वाले लाभ, उसकी पात्रता, आवेदन प्रक्रिया सभी कुछ की जानकारी आपको इस आर्टिकल में मिल जाएगी.

लांच की जानकारी (Launched Details)

क्र. म.                                           जानकारी बिंदु जानकारी
1.                                                   योजन का नाम प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM)
2.                                                   योजना की शुरुआत बजट 2019
3.                                                   योजना की घोषणा वित्त मंत्री पीयूष गोयल द्वारा
4.                                                   लाभार्थी असंगठित क्षेत्र के कर्मचारी
5.                                                   कुल बजट 500 करोड़ रूपये
6.                                                   पेंशन राशी 3000 रूपए/महीने
7.                                                   लांच तारीख 15 फरवरी 2019

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना की मुख्य जानकारी-

उद्देश्य – योजना का मुख्य उद्देश्य असंगठित सेक्टर के मजदूरों को अपनी उम्र के अंतिम पड़ाव में आर्थिक मदद देना है. गरीबी के चलते ये लोग अपने जीवन में कुछ भी बचत नहीं कर पाते है, जिससे सेवानिवृत्त होने के बाद इन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है. सरकार ऐसे लोगों के लिए पेंशन योजना लाइ है.
पेंशन राशी – असंगठित कर्मचारियों को 60 साल की उम्र के बाद उनके मरने तक हर महीने 3000 रूपए की पेंशन राशी मिलेगी. जो वो अपने हिसाब से उपयोग कर सकते है.
प्रीमियम राशी – योजना के अंदर जो भी पात्र व्यक्ति होगा उसे योजना के अंदर कुछ प्रीमियम अमाउंट भरना होगा.
सरकार ने बोला है कि अगर कोई 18 साल की उम्र में इस योजना को शुरू करता है तो उसे 60 साल की उम्र तक हर महीने 55 रूपए अपने बैंक अकाउंट में जमा करने होंगें.
जबकि अगर व्यक्ति 29 साल में योजना को शुरू करता है तो उसे 60 साल की उम्र तक 100 रूपए हर महीने बैंक अकाउंट में जमा करने होंगें.
सरकारी अधिकारीयों ने  बताया है कि योजना में शामिल होने के लिए कम से कम उम्र 18 वर्ष और अधिकतम उम्र 40 वर्ष होगी. इससे कम उम्र और अधिक उम्र के लोग योजना का लाभ नहीं उठा सकेंगें.
सरकार द्वारा सहायता – योजना के अंदर बराबर का प्रीमियम अमाउंट सरकार भी भरेगी. मतलब जिस उम्र में किसी व्यक्ति ने योजना के अंतर्गत पंजीकरण कराया, उसके अनुसार उसको प्रीमियम भरना होगा, वही सेम अमाउंट सरकार भी भरेगी. जिसका मतलब है कि सरकार और व्यक्ति के बीच 50-50% की साझेदारी होगी.
लाभार्थी – सरकार ने यह भी बताया है कि इस योजना के द्वारा भारत देश के लगभग 10 करोड़ लोग लाभान्वित होंगें. ये वे लोग है जो असंगठित सेक्टर से है, जिनके पास रोज की आय का कोई स्थायी साधन नहीं होता, न ही सरकारी कामकाज में ये जुड़े होते है.
बजट – योजना अच्छे ढंग से चले और असंगठित क्षेत्र का विकास हो इसके लिए केन्द्रीय सरकार ने 500 करोड़ का बजट पास किया है. योजना का पूरा खर्चा केन्द्रीय सरकार ही उठाएगी.

पीएम श्रम योगी मानधन पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए योग्यता -

जैसा की योजना के नाम से ही पता चलता है, यह योजना सिर्फ असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए है, कोई और इस योजना का लाभ नहीं ले सकता है. इसके लिए पात्र व्यक्ति को अपना श्रमिक (मजदूर) कार्ड दिखाना होगा, जो सरकार द्वारा जारी किया गया होगा.
योजना का लाभ भारत देश के मूल निवासी को ही मिलेगा. भारत देश में आने वाले किसी भी प्रदेश, केंद्र शासित क्षेत्र में रहने वाले कर्मचारी इसका लाभ उठा सकते है.
योजना के अंदर उनको ही रखा गया है, जिनकी मासिक आय 15 हजार या उससे कम है. 15001 रूपए वाले भी इस योजना के पात्र नहीं माने जायेंगें.
अभी तक की जानकारी के अनुसार योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी की उम्र कम से कम 18 वर्ष तो होनी ही चाहिये, इससे कम उम्र वालों को योजना के अयोग्य माना जायेगा. योजना के अंतर्गत अधिकतम उम्र 40 वर्ष है.

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना मुख्य दस्तावेज़ –

लाभार्थी को भारतीय होने का सबूत देने के लिए मूल निवासी प्रमाण पत्र एवं आधार कार्ड दिखाना होगा. इसके बिना योजना का लाभ नहीं उठा सकते.
इसके साथ ही योजना में आय संबंधी पात्रता भी रखी गई है, इसके लिए जरुरी है कि पात्र व्यक्ति अपने आय प्रमाण पत्र की प्रति अधिकारीयों को जमा करे.
योजना के अंतर्गत पेंशन राशी पेंशनर को सीधे उनके अकाउंट में मिलेगी, साथ ही उन्हें भी प्रीमियम राशी अपने अकाउंट में जमा करनी होगी, और लाभार्थी के पास बैंक अकाउंट होना अनिवार्य है, नहीं तो इस योजना का लाभ वे नहीं उठा पायेंगें.

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना प्रीमियम पेंशन चार्ट अमाउंट 

योजना शुरू करने की आयुअधिकतम आयु  सदस्यों का मासिक अंशदानसरकार का मासिक अंशदानकुल अंशदान
18605555110
19605858116
20606161122
21606464128
22606868136
23607272144
24607676152
25608080160
26608585170
27609090180
28609595190
2960100100200
3060105105210
3160110110220
3260120120240
3360130130260
3460140140280
3560150150300
3660160160320
3760170170340
3860180180360
3960190190380
4060200200400

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना आवेदन फॉर्म एवं प्रक्रिया–

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के लिए सामान्य सेवा केंद्र में आवेदन शुरू हो गए है, कुछ ही समय में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी शुरू हो जायेंगें, नीचे हम आपको इसकी विस्तार से जानकारी दे रहे है –
रजिस्टर करने के लिए आवेदक को अपने पास के सामान्य सेवा केंद्र (CSC) आधार कार्ड और बैंक की जानकारी के साथ जाना होगा.
यहाँ सेवा केंद्र के अधिकारी लाभार्थियों से सारी जानकारी लेंगें और फिर उम्र के आधार पर किस्त की गणना की होगी. जिस उम्र में वे योजना में पंजीकृत होंगें, उसी आधार पर उनको प्रीमियम देना होगा.
पहली किश्त सीएससी अधिकारी के अकाउंट वॉलेट से कट जाएगी, जिसके बाद आवेदक को कैश में उसका पेमेंट सीएससी अधिकारी को देना होगा.
जैसे ही ऑनलाइन पेमेंट हो जायेगा, वैसे ही आवेदक का ऑनलाइन श्रम योगी पेंशन नंबर जनरेट हो जायेगा. इसके साथ ही आवेदक के हस्ताक्षर के एक अलग से रसीद जनरेट हो जाएगी.
अधिकारी इस रसीद का प्रिंट निकालकर, उस पर आवेदक का हस्ताक्षर लेगा, और फिर इसे स्कैन करके साईट में अपलोड कर देगा.
अंत में श्रम योगी कार्ड जनरेट हो जायेगा, जिसका प्रिंट निकालकर आवेदक को दे दिया जायेगा.
बैंक से पुष्टि के बाद, जनादेश डेबिट चालू हो जाएगा, जिसकी जानकारी आवेदक को मोबाइल में मेसेज के माध्यम से भी मिलती रहेगी.
आगे सभी एलआईसी, ईपीएफओ / ईएसआईसी और केंद्र और राज्य सरकारों के सभी श्रम कार्यालय, असंगठित श्रमिकों की सुविधा के लिए एक “सुविधा डेस्क” बना सकते हैं. इन सुविधा डेस्क में एक स्टाफ मेम्बर को नियुक्त किया जायेगा, जो योजना से जुडी सारी जानकारी विस्तार से देगा, साथ ही लाभार्थी को सही मार्गदर्शन दिया जायेगा.
आने वाले समय में सरकार पीएम-एसवाईएम योजना से जुड़ा वेब पोर्टल एवं मोबाइल एप्प भी जारी कर सकती है, जहाँ आवेदक स्वयं आधार नंबर / बचत बैंक खाता / जन-धन खाता नंबर का उपयोग करके अपने आप को रजिस्टर कर सकता है.

पीएम श्रम योगी मानधन योजना छोड़ने की स्थिति–

10 साल के अंदर योजना से बाहर होता है – अगर कोई योजना शुरू करने के बाद 10 साल के अंदर योजना को छोड़ना चाहता है और आगे उसे जारी नहीं रखना चाहता है तो वह ऐसा कर सकता है. जो उसने अभी तक बचत खाते में राशी जमा की थी उसे ब्याज (तत्कालीन बचत खाते में मिलने वाली ब्याज दर के अनुसार) के साथ वो राशी मिल जाएगी.
10 साल के उपर योजना से बाहर होता है – अगर कोई व्यक्ति योजना में शामिल होने के 10 वर्ष बाद लेकिन 60 वर्ष के पहले योजना से बाहर होता है तो उसे प्रीमियम अमाउंट (जो उसने जमा किया) तो वापस मिलेगा ही इसके साथ ही, पेंशन निधि की ब्याज दर या बचत खाते पर मिलने वाली ब्याज दर, जो भी अधिक होगी वो मिल जाएगी.
मृत्यु हो जाने पर (60 वर्ष के पूर्व) – अगर कोई धारक योजना में शामिल होता है, और रेगुलर प्रीमियम भी भरता है, लेकिन बीच में अगर उसकी मृत्यु हो जाती है तो धारक के पति/पत्नी योजना को आगे जारी रख सकता है, और आगे की प्रीमियम राशी जमा कर सकता है. लेकिन अगर वो योजना को आगे जारी नहीं रखना चाहे, तो बीच में छोड़ सकता है, उसे जमा राशी, ब्याज के साथ सरकार के द्वारा दे दी जाएगी.
अगर धारक एवं उसके नॉमिनी पति/पत्नी की भी मृत्यु हो जाती है तो कोर्पस अमाउंट पेंशन निधि कोष में चली जाएगी.
उपर दी गई परिस्थितियों में धारक अगर योजना से बाहर आता है तो सरकार द्वारा दिया गया अनुदान पेंशन निधि कोष में ट्रान्सफर कर दिया जायेगा.
विकलांगता व्यक्ति को लाभ
यदि कोई धारक रेगुलर प्रीमियम भरता है, लेकिन 60 वर्ष के पूर्व वह पूरी तरह से निशक्त (दिव्यांग) हो जाता है और प्रीमियम भरने में असमर्थ है तो उसका पति/पत्नी योजना को जारी रख के प्रीमियम भर सकता है. अगर ऐसा नहीं होता है तो धारक तब तक की प्रीमियम जमा राशी को ब्याज के साथ पाने का हक़ रखता है.
60 वर्ष के बाद मृत्यु होने पर –
अगर किसी धारक की पेंशन के समय 60 वर्ष के बाद मृत्यु हो जाती है, तो उसके सिर्फ पति/पत्नी को आगे योजना के तहत मिलने वाली पेंशन राशी का 50% मिलता रहेगा. मुख्य बात यह है कि यह परिवार पेंशन सिर्फ पति/पत्नी को ही मिलेगी, परिवार का कोई और सदस्य इसका हक़दार नहीं होगा.
योजना की अभी सिर्फ घोषणा हुई है, आने वाले दिनों में योजना की पूरी जानकारी प्राप्त होगी, साथ योजना के अंदर बदलाव भी किये जा सकते है. मोदी सरकार द्वारा अटल पेंशन योजना भी शुरू की गई थी, जिसमें लाखों लोगों ने अपना नाम दर्ज कराया है. श्रम योगी मानधन योजना के अंदर लाभार्थीयों की संख्या 10 करोड़ के उपर हो सकती है.
श्रम योगी मानधन पेंशन योजना लाभार्थियों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है. वित्त मंत्री जी का कहना है कि यह योजना आने वाले 5 सालों में असंगठित क्षेत्र के लिए दुनिया की सबसे बड़ी पेंशन योजना हो सकती है.  मोदी सरकार के अंतरिम बजट 2019-20 की ख़ास बातें बहुत सी थी. पियूष गोयल जी ने मोदी सरकार के चलित योजनाओं की भी जानकारी दी, उन्होंने बताया किस तरह से उज्ज्वला योजना, मुद्रा योजना, आवास योजना, जन औषधि केंद्र से लोगों को लाभ मिल रहा है. बजट में मध्यम वर्गीय लोगों को लिए टैक्स बेनिफिट दिया गया, जो अब तक का सबसे बड़ा बदलाव था.
असा करता हूँ की आपको हमारी जानकारी पसंद आई होगी तो हमें कमेन्ट करके जरुर बताइयेगा धन्यवाद
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